लक्ष्य बनाने की डालें आदत




'हमारे सपने तभी सच होते हैं जब उन्हें पूरा करने के लिए हम अपनी नींद तक का त्याग कर देते हैं ' - पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक एपीजे अब्दुल कलाम की उक्ति आज भी बहुत प्रासंगिक है।
लेकिन यह भी देखा गया है कि बिना लक्ष्य के काम करने वाले लोग हमेशा अपने सपने को पूरा करने से दूर रह जाते हैं। आखिर कितना जरूरी है लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना, जीवन में अपने लक्ष्य को कैसे हासिल किया जाए?
जीवन में लक्ष्य निर्धारण का महत्व एक रहस्य की तरह है, जो सभी सफल व्यक्तियों को पता होता है । फिर चाहे वे खिलाड़ी हों या फिर कोई और प्रोफेशनल। अगर लक्ष्य सेट करके आगे बढ़ते हैं, तो आपको फोकस्ड होकर जरूरी ज्ञान प्राप्ति में मदद मिलेगी। साथ ही योजना बनाने से लेकर समय रूपी संसाधनों को व्यवस्थित करने में भी मदद मिलती है ताकि अपने बाकी के जीवन को सुखमय बना सकें । लक्ष्य बनाकर न चलने से असफलता के अलावा संयोग से मिली उपलब्धियां भी ज्यादा दिन नहीं टिक पाती हैं । 
दरअसल, लक्ष्य सेट करने से आपको निरंतर प्रेरणा मिलती रहती है । इससे आपका फोकसबढ़ता है । यह बात भी याद रखनी चाहिए कि अगर लक्ष्य पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं , तो यह सिर्फ कल्पना से ज्यादा कुछ नहीं है ।

आइए जानते हैं गोल सेटिंग क्या है और इसे सेट करने के क्या - क्या तरीके हैं: 
गोल सेटिंग : गोल सेट करने की बुनियादी समझ यदि आपमें आ गई तो फिर आप जहां पहुंचना चाहते हैं वहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं । अगर आप भी अपना कोई लक्ष्य बना रहे हैं , तो उसे हासिल करने के लिए एक प्लानिंग करें । अपने लक्ष्य को पहले छोटे - छोटे हिस्से में बांटकर उस दिशा में प्रयास करें। जब इन छोटे - छोटे लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ेंगे, तो इससे लाइफटाइम उपलब्धि भी हासिल कर सकेंगे तथा समय समय पर अपनी प्रगति का आकलन भी कर सकेंगे। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने में यही छोटे - छोटे प्रयास और सफलताएं आगे चलकर बड़े लक्ष्यों की नींव रखती हैं । ऐसा करने से आत्मसंतुष्टि मिलेगी और आपको थकावट का भी तनिक एहसास नहीं होगा ।
इसके लिए एक सबसे अच्छा उपाय यह है कि रोजाना और साप्ताहिक आधार पर आप अपने लक्ष्य सेट करें । इससे लाइफटाइम लक्ष्य तय करना ज्यादा आसान होगा और ज्यादा मशक्कत भी नहीं करनी पड़ेगी ।
यदि आप अपने लिए कोई लंबी अवधि का लक्ष्य निर्धारित करना चाह रहे हैं , तो अपने प्लान को सबसे पहले पांच - पांच साल में विभाजित कीजिए और फिर उसे क्रमश - एक साल , छह माह , एक माह , 1 सप्ताह और फिर रोजाना के आधार पर एक्शन प्लान के रूप में विभाजित करें । यह अभ्यास आपके जरूरी दिनचर्या में शामिल होना चाहिए । इस तरह प्रत्येक दिन टार्गेट को पूरा करते रहने से आपका यह प्रयास आपको लाइफटाइम गोल के करीब लेजाएगा ।

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